बंगाल Governor सीवी आनंद बोस पर यौन उत्पीड़न का आरोप राजभवन में काम करने वाली महिलाकर्मी ने लगाया है। महिला का आरोप है कि राज्यपाल पिछले कुछ दिनों से उनके साथ बदसलूकी कर रहे थे। गुरुवार शाम को उन्होंने उन्हें अपने चैंबर में बुलाया और मेरे साछ गलत व्यवहार किया। इस संबंध में कोलकाता के हेयर स्ट्रीट थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत मिलते ही कोलकाता पुलिस ने जांच शुरू कर दी। इस बीच राजभावन के सामने पुलिस का पहरा भी बढ़ा दिया गया है।
इधर मामले में Governor ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर महिला के आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि ये मुझे बदनाम करने की साजिश है। मेरे ऊपर बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं। सत्य की जीत होगी। Governor सीवी आनंद बोस ने आगे कहा कि मैं इंजीनियर्ड नैरेटिव से डरने वाला नहीं। कोई मुझे बदनाम करके चुनावी फायदा चाहता है, तो भगवान भला करे। मैं भ्रष्टाचार-हिंसा के खिलाफ लड़ाई नहीं रोक सकता।
पूरे मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि राजभवन छेड़छाड़ मामले में चौंकाने वाली जानकारी सामने आ रही है! यौन उत्पीड़न पीड़िता ने खुलासा किया है कि और भी महिलाओं को इसी तरह परेशान किया गया! अगर पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह सच में नारी का सम्मान में यकीन रखते हैं, तो उन्हें इन पीड़ितों के लिए इंसाफ सुनिश्चित करना चाहिए।

मामला सच हुआ तो कार्रवाई होगीः शुभेंदु अधिकारी
मामले में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि यह देखना होगा कि आरोप सही हैं या फिर कोई साजिश है। 26,000 शिक्षकों की नौकरी चली गई, संदेशखाली मुद्दे पर तृणमूल घिरी है। देखना होगा कि ये शिकायत राजनीतिक साजिश है या नहीं। अगर यह सच है तो निश्चित तौर पर केंद्र सरकार कार्रवाई करेगी।
राजभवन में पुलिस के प्रवेश पर लगाई रोक
इस बीच राजभवन परिसर में पुलिस के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। वहीं, राज्यपाल ने राज्य की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य के प्रवेश पर भी रोक लगाई है। राज्यपाल ने चंद्रिमा पर संविधान विरोधी बयान देने का आरोप लगाया। उन्होंने मंत्री के खिलाफ कार्रवाई के लिए अटॉर्नी जनरल से सलाह मांगी है।








