छत्तीसगढ़ में PWD के चपरासी अजीत मढ़रिया के नाम अरबों की बेनामी संपत्ति,200 एकड़ ज़मीन सांकरा में, रायपुर के पॉश इलाकों में भी बेशकीमती जमीन,ED की पूछताछ में बड़े ख़ुलासे के आसार…

BHUPESH

रायपुर : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के तत्कालीन निज सचिव अजीत मढ़रिया से ED की पूछताछ में कई बड़े खुलासों के आसार जाहिर किए जा रहे है | उनकी अरबों की बेनामी संपत्ति की पड़ताल शुरू हो गई है | ED ने मढ़रिया को अगले हफ़्ते फिर पूछताछ के लिए बुलाया है | इसके पूर्व करीब 6 घंटे तक पूछताछ में अजीत मढ़रिया ने ED को जो स्वयं और परिजनों की संपत्ति का जो ब्यौरा दिया है,वो काफी हैरान करने वाला है |

image 14

सूत्र तस्दीक करते है,कि पूछताछ में संदेही मढ़रिया ने आय के श्रोतों को लेकर जो जानकारी एजेंसियों को दी है, उसकी पड़ताल शुरू कर दी गई है | पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के निज सचिव अजीत मढ़रिया ने प्राथमिक रूप से  गैर कानूनी गतिविधियों से जुड़ी कई ऐसी जानकारी और तथ्यों को लेकर चुप्पी साधी रही,जिनसे उनका करीब का नाता रहा है|

यह भी पढ़े : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निज सचिव अजीत मढ़रिया से ED की पूछताछ,अरबों की बेनामी संपत्ति का खुलासा…

image 16

बताया जाता है,कि एजेंसियों ने प्रारंभिक पूछताछ में ज्यादातर सवाल हाँ या ना में किए थे | हालांकि,मढ़रिया ने कई सवालों से अपना पल्ला झाड़ लिया था | लेकिन,जो सवालों के जवाब दिए गए,वो चौंकाने वाले बताए जाते है | सूत्र यह भी तस्दीक करते है,कि अब अगले पड़ाव में एजेंसियों ने नए सबूतों और तथ्यों के साथ मढ़रिया से पूछताछ की तैयारी की है | 

image 18


उधर,रायपुर और उसके आस-पास के कई इलाकों में मढ़रिया और उनके परिजनों के नाम अरबों की जमीनों के दर्ज़ होने की जानकारी सामने आई है | इसमें रायपुर के DD नगर और सांकरा में निवेश की गई बेशुमार काली कमाई का ब्यौरा शामिल बताया जाता है,यह “जमींन-जायदाद” कांग्रेस राज में खरीदी गई थी | सांकरा में 200 एकड़ जमीन के अलावा रायपुर के DD नगर में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की तर्ज पर निर्माणाधीन आलीशान भवन भी सैंकड़ों-करोड का बताया जाता है | इसके अलावा जमीनों की खरीद-फरोख्त के कई नामी-बेनामी सौंदे अजीत मढ़रिया और उसके परिजनों के नाम दर्ज बताए जाते है |

image 12

सवाल उठ रहा है,कि PWD विभाग में चपरासी के पद पर कार्यरत अजीत मढ़रिया के पास अरबों की धन-दौलत आखिर रातों-रातों कहाँ से आ गई ? यही नहीं इतनी मोटी रकम की प्राप्ति और जमीनों की खरीद-फरोख्त का ब्यौरा उनके द्वारा आयकर और अन्य सरकारी संस्थाओं को क्यों नहीं सौंपा गया था ?

image 19

 PWD विभाग के कई कर्मचारी यह भी बताते है,कि अजीत मढ़रिया ने शासन को गुमराह कर अनुकंपा नियुक्ति के माध्यम से सरकारी नौकरी पाई थी | उनके मुताबिक,वर्ष 2018 तक मढ़रिया विभाग में भृत्य-चपरासी के पद पर कार्यरत रहे,लेकिन बघेल के मुख्यमंत्री बनते ही वे उनके निज सचिव के पद पर तैनात हो गए थे | पूर्व मुख्यमंत्री और उनके पुत्र चैतन्य बघेल के करीबी नाते-रिश्तेदारों में मढ़रिया की गिनती होती है |

image 8

बताया जाता है,कि बघेल की करीबी उप सचिव सौम्या चौरसिया के हस्तक्षेप के बाद मढ़रिया को तत्कालीन मुख्यमंत्री के कार्यालय से हटा दिया गया था | इस दौरान मढ़रिया पर अवैध वसूली और गैर कानूनी गतिविधियों में शामिल होने के कई गंभीर आरोप लगे थे | मुख्यमंत्री कार्यालय से हटते ही मढ़रिया की सेवाएं पुनः PWD विभाग को सौंप दी गई थी| अब ACB-EOW भी मढ़रिया के प्रकरणों को लेकर सक्रिय नज़र आ रही है | 

image 10

चर्चा सरगर्म है,कि अजीत मढ़रिया और उनके कई साथियों के नाम पर अरबों के निवेश का सीधा नाता राज्य के कई बड़े घोटालों से है | सूत्र यह भी तस्दीक करते है,कि अरबों की संपत्ति हासिल करने के बाद मढ़रिया ने नेतागिरी भी शुरू कर दी थी| वे अपने समुदाय के बीच कांग्रेस का प्रचार-प्रसार करने में जुट गए थे,लेकिन बीजेपी के सत्ता में आने के बाद उनकी तमाम कवायतें धरी की धरी रह गई थी| हमारे संवाददाता ने अजीत मढ़रिया से इन प्रकरणों को लेकर बातचीत करनी चाही,लेकिन उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो पाया | फ़िलहाल,पूर्व मुख्यमंत्री बघेल पर कसते शिकंजे के बीच मढ़रिया के काले कारनामें सुर्ख़ियों में है |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *