DELHI NEWS: कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के कार्यकर्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका, जंतर-मंतर पर अनधिकृत रूप से प्रवेश करने के मामले में पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बाद, 5 नवंबर को राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय से वापस चले गए।
जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में सौरभ दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को 22 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के समक्ष पूछताछ के लिए उपस्थित होना था। हालांकि, तीनों उस दिन पुलिस के सामने पेश नहीं हुए। इस संबंध में आशुतोष रांका ने बताया कि उन्होंने पहले ही पुलिस को अपनी अनुपलब्धता की जानकारी दे दी थी। अब वे पूछताछ के लिए नई तारीख मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
रांका के मुताबिक, पुलिस की ओर से अभी तक उन्हें अगली तारीख की जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि पिछली निर्धारित तारीख पर उपस्थित न हो पाने की सूचना पुलिस को दे दी गई थी। पुलिस ने भी नई तारीख की पुष्टि करने की बात कही थी, जिसके बाद से वे क्राइम ब्रांच के जवाब की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
गौरतलब है कि 13 अक्टूबर को हुए विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने सौरभ दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिया था। इसके बाद 21 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट के आदेश पर दोनों को न्यायिक हिरासत से रिहा कर दिया गया। अदालत ने उनके व्यक्तिगत और जमानतदार बॉन्ड स्वीकार करते हुए शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की शर्त रखी थी।
SEM ऋतु राज ने दोनों कार्यकर्ताओं को जांच पूरी होने तक 50-50 हजार रुपये के पर्सनल और श्योरिटी बॉन्ड भरने का निर्देश दिया था। साथ ही, अदालत ने आदेश दिया कि दोनों को प्रत्येक सुनवाई में उपस्थित रहना होगा और बॉन्ड में निर्धारित सभी शर्तों का पालन करना होगा।
अदालत में दिए गए लिखित आश्वासन में सौरभ दास और आशुतोष रांका ने सार्वजनिक शांति एवं व्यवस्था भंग नहीं करने की बात कही। इसके अलावा, उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जंतर-मंतर को कानूनी प्रक्रिया के तहत डीनोटिफाई किए जाने तक वहां किसी विरोध प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे। भविष्य में होने वाले किसी भी प्रदर्शन को संवैधानिक और कानूनी दायरे में रखने का भी आश्वासन दिया।
