Advertisement Carousel

सुकमा में विकास कार्यों पर CEO मुकुन्द ठाकुर का सख्त रुख, बोले- लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई

Woman Express
3 Min Read

सुकमा। जिले की ग्राम पंचायतों को मजबूत बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुन्द ठाकुर ने विकास कार्यों की निगरानी तेज कर दी है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित रखने के बजाय उनका लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा के साथ अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा रही है।

सुशासन परिसर और पंचायत कैफे के निर्माण पर विशेष फोकस
नक्सल मुक्त सुकमा में ग्राम पंचायतों को अधिक सुविधायुक्त और सक्षम बनाने के उद्देश्य से सुशासन परिसर एवं पंचायत कैफे का निर्माण कराया जा रहा है। इन कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए CEO मुकुन्द ठाकुर ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि काम में गुणवत्ता, पारदर्शिता और तकनीकी मानकों का पूरा ध्यान रखा जाए।

अधिकारी निर्माण स्थलों का लें जायजा
श्री ठाकुर ने अधिकारियों से कहा कि वे केवल कार्यालयों में बैठकर योजनाओं की समीक्षा न करें, बल्कि निर्माण स्थलों पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का जायजा लें। यदि काम में कोई बाधा या समस्या सामने आती है, तो उसका तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

image 2

पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
समीक्षा बैठक में CEO ने पंचायत प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों से आपसी तालमेल के साथ काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब सभी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ उन्हें जमीन पर लागू करेंगे। योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

निर्माण के साथ परिणामों पर भी नजर
CEO मुकुन्द ठाकुर की कार्ययोजना में केवल निर्माण कार्यों को पूरा कराना ही नहीं, बल्कि उनसे ग्रामीणों को मिलने वाली सुविधाओं और लाभों को सुनिश्चित करना भी शामिल है। सुशासन परिसर और पंचायत कैफे जैसी पहल से ग्राम पंचायतों की प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों को सुविधाएं उपलब्ध कराने की उम्मीद है।

CEO का स्पष्ट संदेश- गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं
मुकुन्द ठाकुर ने कहा कि सुशासन परिसर और पंचायत कैफे ग्राम पंचायतों को सशक्त एवं सुविधायुक्त बनाने की महत्वपूर्ण पहल हैं। सभी निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूरे किए जाएं। गुणवत्ता, पारदर्शिता और तकनीकी मानकों के पालन में किसी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं देना और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *