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दुर्ग के 4 करोड़ कैश कांड में नया मोड़! महिला कारोबारी ने कहा- पैसा मेरा है, कोर्ट ने अर्जी की खारिज

Woman Express
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Durg 4 Crore Cash Seized: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में हाल ही में टैंपो में मिले 4 करोड़ नकदी मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. दुर्ग कोर्ट ने कैश को वापस लेने के लिए लगाए गए सुपुर्दनामा आवेदन को खारिज कर दिया है. यह आवेदन गुजरात की एक कृषि कारोबार से जुड़ी महिला ने लगाया है. महिला ने कोर्ट में दावा किया है कि, खुर्सीपार पुलिस ने जो कैश जब्त किए हैं वो उसी के हैं.

महिला ने क्या बताया ?
बकौल महिला कारोबारी यह पूरे पैसे उसी के हैं. नकद कृषि कारोबार से संबंधित है और उसके पास इसके सभी वैध दस्तावेज यानी कि डॉक्यूमेंट्स भी मौजूद हैं. इसी को देखते हुए उसने कोर्ट से गुहार लगाई थी कि,दस्तावेजों के आधार पर कैश उसे सुपुर्द कर दिया जाए. लेकिन दुर्ग कोर्ट ने उसके आवेदन को खारिज कर दिया.

कोर्ट ने क्या कहा ?
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि, पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच आयकर विभाग को सौंप दी है. चूंकि मामला अब आईटी के पास है और कैश के सोर्स की जांच चल रही है इसलिए कैश किसी को भी नहीं सौंपा जा सकता. कोर्ट ने कहा, IT की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस पर कोई फैसला लिया जाएगा.

वहीं, इस मामले में चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि, सुपुर्दनामा के लिए आवेदन करने वाली महिला कारोबारी पहली बार ऐसा नहीं कर रही है. वह पहले भी कई राज्यों में इसी तरह से पुलिस द्वारा पकड़े गए करोड़ों रुपए कैश को कोर्ट के माध्यम से वैध दस्तावेज दिखाकर वापस ले चुकी है.

कैसे पकड़ाया था 4 करोड़ कैश?
यह पूरा मामला दुर्ग के खुर्सीपार थाना क्षेत्र का है. कुछ दिन पहले खुर्सीपार नेशनल हाईवे पर पुलिस की टीम साधारण वाहन चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान रायपुर से नागपुर की ओर जा रही एक बोलेरो मैक्स पिकअप गाड़ी को चेकिंग के लिए रोका गया. शुरुआत में ड्राइवर ने सामान्य जवाब दिए, लेकिन पुलिस को उसकी गतिविधियों पर शक हुआ. जब गाड़ी की बारीकी से तलाशी ली गई तो पुलिस भी हैरान रह गई.

आरोपियों ने गाड़ी को खास तौर पर मॉडिफाई कराया था और उसके अंदर एक गुप्त चेंबर बनाया गया था. इसी गुप्त चेंबर में बंडलों में 4 करोड़ रुपए नकद छिपाकर रखे गए थे. पुलिस ने तुरंत कैश और गाड़ी को जब्त कर लिया और दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की. इतनी बड़ी रकम होने के कारण मामले की सूचना तुरंत इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को दी गई.

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