मोहला। जिले की राजनीति में पूर्व भाजपा विधायक संजीव शाह के एक वायरल ऑडियो ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस ऑडियो में पूर्व विधायक संजीव शाह अपनी ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और स्थानीय संगठन के खिलाफ बेहद सख्त बात करते हुए अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं जाहिर करते सुनाई दे रहे हैं।
वायरल ऑडियो के प्रमुख बिंदु
मुख्यमंत्री पर टिप्पणी और खुद सीएम बनने की मंशा जताते हुए ऑडियो में पूर्व विधायक संजीव शाह ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कार्यशैली पर तंज कसा है। इसके साथ ही बातचीत में उनकी स्वयं मुख्यमंत्री बनने की राजनीतिक महत्वाकांक्षा भी झलक रही है।
भाजपा जिलाध्यक्ष को पद से हटाने की बात
ऑडियो में स्थानीय संगठन के भीतर की गुटबाजी स्पष्ट सुनाई दे रही है, जहां वर्तमान भाजपा जिलाध्यक्ष दिलीप वर्मा को राजनीतिक रूप से ‘निपटाने’ (पद से हटाने) की रणनीति पर बात की जा रही है।
अविश्वास प्रस्ताव में भूमिका का दावा
जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर भी ऑडियो में दावा किया गया है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे उन्हीं का हाथ था।
पुराना सियासी सफर और 2023 की हार की चर्चा
इस ऑडियो के सामने आने के बाद पूर्व विधायक का पुराना राजनीतिक इतिहास भी चर्चाओं में आ गया है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा के चलते वे अजीत जोगी के करीब चले गए थे। इसके बावजूद, वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन पर दोबारा भरोसा जताते हुए टिकट दिया था, लेकिन उस चुनाव में उन्हें ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ा था।
सियासी कलह उजागर
2023 की करारी हार के बाद अब इस ऑडियो के लीक होने से मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले की भाजपा इकाई में आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। विपक्षी खेमा जहां इसे भाजपा की अंतर्कलह बताकर भुनाने में जुटा है, वहीं पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी इस बयानबाजी को लेकर तीखी चर्चाएं हैं।
खास बात
(यह पूरी खबर वायरल हो रहे कथित ऑडियो पर आधारित है। womanexpress.in इस कथित ऑडियो टेप की पुष्टि नहीं करता।)
