लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधान परिषद के 11 शिक्षक एवं स्नातक खंड निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने चार सीटों पर शानदार जीत हासिल की है, जबकि वाराणसी शिक्षक सीट पर समाजवादी पार्टी ने परचम लहराया है। मतपत्रों से वरीयता क्रम की छंटनी और गणना के कारण प्रक्रिया काफी धीमी चल रही है। देर रात तक लखनऊ और वाराणसी स्नातक सीटों पर मतगणना शुरू भी नहीं हो सकी थी, जबकि अन्य सीटों पर गिनती जारी है।
मेरठ में भाजपा का दबदबा, बरेली और लखनऊ में भी जीत
मेरठ-सहारनपुर खंड शिक्षक और स्नातक दोनों ही सीटों पर लगातार दूसरी बार भाजपा ने कब्जा जमाया है। शिक्षक सीट पर भाजपा के श्रीचंद शर्मा 18,099 वोट हासिल कर विजयी रहे, जबकि स्नातक सीट पर भाजपा के दिनेश गोयल 24,928 वोटों के साथ जीते। वहीं, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट से भाजपा के हरिसिंह ढिल्लों और लखनऊ शिक्षक सीट से भाजपा के उमेश द्विवेदी ने जीत दर्ज की है। दूसरी ओर, प्रतिष्ठा की जंग बनी वाराणसी शिक्षक सीट पर सपा प्रत्याशी लाल बिहारी यादव ने जीत का परचम लहराया।
रुझानों में सपा और निर्दलीय की टक्कर
अब तक सामने आए रुझानों के मुताबिक, इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट पर सपा के डॉ. मान सिंह यादव और आगरा शिक्षक सीट पर सपा के आकाश अग्रवाल बढ़त बनाए हुए हैं। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव आगे चल रहे हैं, जबकि आगरा स्नातक सीट पर भाजपा के डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह बढ़त पर हैं।
आगरा में पुलिस से झड़प, अखिलेश यादव ने उठाए सवाल
आगरा मतगणना केंद्र पर धांधली के आरोपों को लेकर दिनभर गहमागहमी रही। सपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। सपा प्रत्याशी ने करीब एक घंटे तक काउंटिंग रोके जाने का आरोप लगाया, जिस पर मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने स्पष्ट किया कि चुनौतीपूर्ण मतों की छंटनी के चलते गति धीमी हुई थी।
उधर, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि नतीजों में जानबूझकर देरी की जा रही है और हर राउंड का डेटा जारी नहीं हो रहा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मामले में तत्काल संज्ञान लेकर मतगणना को पारदर्शी बनाने की मांग की।
