संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के कैप्टन स्मित मच्छार और क्रू सदस्यों को उनके साहस और यात्रियों की सुरक्षा के लिए सम्मानित किया है। मंगलवार को UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने क्रू को ‘फर्स्ट-क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II’ से नवाजा। यह सम्मान 30 सितंबर को उड़ान के दौरान पैदा हुए गंभीर संकट में यात्रियों की जान बचाने के लिए दिया गया।
राष्ट्रपति और दुबई के क्राउन प्रिंस ने की क्रू की सराहना
UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद ने मंगलवार को क्रू सदस्यों से मुलाकात की। इस दौरान दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम भी मौजूद रहे। दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने क्रू को सम्मान प्रदान किया।
UAE नेतृत्व ने मुश्किल हालात में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए क्रू की सराहना की। इस घटना में कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए थे, लेकिन उनकी कोशिशों ने दूसरे क्रू सदस्यों और यात्रियों को कॉकपिट तक पहुंचने का मौका दिया।
30 सितंबर को उड़ान के दौरान हुआ था हमला
यह घटना 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई थी। उड़ान के दौरान को-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित मच्छार पर कॉकपिट में मौजूद आपातकालीन कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। इसके बाद विमान तेजी से नीचे गिरने लगा और स्थिति बेहद गंभीर हो गई।
फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई से गिरकर लगभग 16,600 फीट तक पहुंच गया था। अलग-अलग रिपोर्टों में ऊंचाई और गिरावट की अवधि के आंकड़ों में थोड़ा अंतर है। विमान को अंततः सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ना पड़ा।
घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश
‘द नेशनल’ को दिए इंटरव्यू में कैप्टन मच्छार ने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि विमान का कोई हिस्सा टूटकर उनके सिर पर गिरा है। लेकिन लगातार चोट लगने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि उन पर हमला हो रहा है।
उन्होंने बताया कि हमले के दौरान उनकी नजर कमजोर पड़ने लगी थी और चीजें साफ दिखाई नहीं दे रही थीं। इसके बावजूद उन्होंने सीट बेल्ट से खुद को छुड़ाने, हमलों से बचने और कॉकपिट का दरवाजा खोलने वाले हैंडल तक पहुंचने की कोशिश की। वह अपने साथियों को मदद के लिए आवाज भी लगा रहे थे।
इसी दौरान वह बेहोश होकर कॉकपिट में गिर पड़े। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद दरवाजा खोलने की उनकी कोशिश आगे की कार्रवाई में अहम साबित हुई।
यात्रियों और दूसरे पायलटों ने संभाला मोर्चा
कैप्टन मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद यात्रियों, क्रू सदस्यों और विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने अंदर पहुंचकर कथित हमलावर को काबू किया। रिपोर्टों के मुताबिक, दूसरे पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभालने में मदद की और उसे सुरक्षित लैंडिंग के लिए तबुक की ओर मोड़ा।
विमान में सवार सभी यात्रियों और क्रू सदस्यों के सुरक्षित बचने की जानकारी दी गई। हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में विमान में सवार लोगों की संख्या अलग बताई गई है। इसलिए यात्रियों और क्रू की कुल संख्या को लेकर एक ही आंकड़े को अंतिम मानना उचित नहीं होगा।
‘मुझे खुशी है कि मैं अपना फर्ज निभा पाया’
इतनी खतरनाक घटना से गुजरने के बाद भी कैप्टन मच्छार का विमानन के प्रति भरोसा कम नहीं हुआ। ‘द नेशनल’ से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस घटना से हवाई उड़ानों के प्रति उनका प्यार खत्म नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा, “क्या विमानन के लिए मेरा प्यार खत्म हो गया? बिल्कुल नहीं। बिल्कुल भी नहीं। मुझे बस इस बात की खुशी है कि मैं अपना फर्ज निभा पाया।” कैप्टन के इस बयान से पता चलता है कि गंभीर चोटों और जानलेवा हालात के बावजूद वह अपने कर्तव्य को निभा पाने से संतुष्ट हैं।
इजरायल ने भी नागरिक वीरता के लिए सम्मान देने की घोषणा की
इस घटना के बाद इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने भी कैप्टन मच्छार को नागरिक वीरता के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार देने की घोषणा की थी। इस तरह UAE और इजरायल, दोनों देशों की ओर से उनके साहस को सम्मान मिला है।
फ्लाइट FZ1073 की घटना की जांच भी शुरू की गई थी। UAE के अधिकारियों ने इसे विमान पर नियंत्रण हासिल करने की कथित कोशिश और आतंकवादी कृत्य के प्रयास के तौर पर देखा है। घटना के पीछे की वजहों और अन्य पहलुओं की जांच को लेकर अंतिम निष्कर्षों को आधिकारिक पुष्टि के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।
