UP Election Plan: उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी अपनी रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया. बीजेपी हर हाल में यूपी में जीत की हैट्रिक लगाना चाहती है. यही वजह है कि वह अलग ही रणनीति पर काम कर रही है. इसी के तहत संगठन ने 100 ऐसे विधायकों को चुना है, जिनको लेकर एंटी-इनकंबेंसी का डर है. ऐसा माना जा रहा है कि इन 100 विधायकों का बीजेपी टिकट काट सकती है. इस बात का खुलासा भी बीजेपी के इंटरनल सर्वे में ही हुआ है.
भारतीय जनता पार्टी ने जिन 100 विधायकों को चिन्हित किया है. उसके पहले उनके क्षेत्र से उनके बारे में फीडबैक लिया गया है. सूत्रों ने यह भी बताया कि मौजूदा विधायकों की उम्मीदवारी को लेकर RSS से भी फीडबैक लिया गया है. मौजूदा विधायकों से न तो उनकी जनता खुश है और न ही संगठन उन्हें दोबारा मौका देना चाहता है.
क्या होगा पार्टी को नुकसान?
पार्टी के इंटरनल सर्वे का मानना है कि लगातार दो बार सरकार में रहने के बाद, पूरी सरकार से असंतोष की तुलना में व्यक्तिगत विधायकों से असंतोष पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक नुकसान साबित हो सकता है.अगर इन चेहरों को दोबारा मौका दिया जाता है तो इससे पार्टी पर एंटी इनकंबेंसी का असर कम हो सकता है. जैन जी को ध्यान में रखते हुए पुराने चेहरों की जगह युवाओं को मौका दिया जा सकता है.
लोकसभा चुनाव में कटे थे कई लोगों के टिकट
भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव के समय भी कई मौजूदा सांसदों के टिकट काटे थे. इसके अलावा हाल ही में जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए थे. वहां भी बड़े स्तर पर नेताओं के टिकट काटे गए थे. साल 2024 के विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो 49 मौजूदा सांसदों को दोबारा मैदान में उतारा था, जिनमें से 27 चुनाव हार गए थे.
यही वजह है कि अब भारतीय जनता पार्टी यूपी में कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है. ऐसा कहा जाता है कि दिल्ली का रास्ता यूपी की सियासत से होकर ही गुजरता है. यही कारण है कि भारतीय जनता पार्टी जीत हैट्रिक लगाने के लिए हर जरूरी फैसला लेगी.
वहीं दूसरी ओर, यदि किसी मौजूदा विधायक का अपने क्षेत्र में मजबूत जनाधार बना हुआ है और उसकी जीत की संभावना स्पष्ट दिखती है, तो उसे दोबारा टिकट दिया जा सकता है, चाहे वह कितने भी समय से विधानसभा में क्यों न हो.
