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अस्पताल की बदहाली देख फूटा कलेक्टर का गुस्सा! औचक निरीक्षण में मिली गंदगी, लापरवाही पर 7 दिन की सैलरी कट

Woman Express
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Rewa Sanjay Gandhi Hospital: रीवा के सबसे बड़ा अस्पताल संजय गांधी मेडिकल कॉलेज पिछले एक महीने से अपनी अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में बना हुआ है. यहां कभी जिंदा मरीज को मृत घोषित कर द‍िया जाता हो तो, कभी प्रसूता की मौत हो जाती है. इन सब शिकायतों को लेकर पिछले एक हफ्ते से रीवा में प्रदर्शन चल रहा है. यही वजह है कि अब जाकर शासन-प्रशासन की नींद खुली है. सोमवार रात को अचानक कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और पुलिस अधीक्षक गुरू करण सिंह बिना किसी पूर्व सूचना के अस्पताल पहुंच गए. जहां उन्‍होंने मरीजों से मुलाकात और गंदगी देख वहां के कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई.

संजय मेडिकल कॉलेज के हालात किसी से छ‍िपे नहीं हैं. यही वजह है कि अधिकारी सीधे अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंच गए. जहां पूरी तरह से सफाई व्यवस्था बदहाल मिली. इस तरह की व्यवस्था देखकर खुद कलेक्टर साहब चौंक गए. उन्‍होंने तुरंत जिम्मेदार अधिकारियों को फटकार लगाई. इसके साथ ही व्यवस्था को सुधारने का आदेश दिया.

7 दिन की वेतन काटने का दिया कलेक्टर ने आदेश
कलेक्टर ने अस्पताल के लगभग हर विभाग का निरीक्षण किया. इस दौरान ऑर्थोपेडिक्स वार्ड में पुराने गद्दे खुले में पड़े थे. जब इसको लेकर वहां मौजूद स्टाफ से सवाल पूछा गया तो किसी के पास कोई जवाब ही नहीं था. कलेक्‍टर ने तुरंत उन्‍हें हटाने के साथ ही इस तरह की लापरवाही बरतने वालों की 7 दिन का वेतन काटने का आदेश दिया है.

कलेक्‍टर एसपी का यह औचक न‍िरीक्षण रीवा में चल रहे विरोध प्रदर्शन का असर माना जा रहा है. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने साफ कर दिया कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ सफाई, सुरक्षा और अनुशासन में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी.

कब सुधरेंगे हालात?
संजय गांधी मेडिकल कॉलेज के हालात इस समय किसी से छ‍िपे नहीं हैं. अध‍िकार‍ियों के इस तरह के निरीक्षण के बाद यह माना जा रहा है कि आने वाले द‍िनों में इस तरह की व्‍यवस्‍थाओं में बदलाव देखने को मिल सकता है. मरीज जो इलाज की आस लगाए आसपास के इलाकों से आते हैं. उनको सही और बेहतर इलाज मिल सके.

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