रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की एंटोमोलॉजी परीक्षा के पेपर लीक मामले में रायपुर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी प्रोफेसर समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पेपर लीक की सूचना मिलने के करीब 36 घंटे के भीतर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।
प्रोफेसर पर लगा पेपर लीक करने का आरोप
पुलिस के अनुसार, मामले का मुख्य आरोपी योगेश सोनकेसरिया, भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग में प्रोफेसर है। जांच में सामने आया कि उसने कथित तौर पर 20 अगस्त को होने वाली एजीसीएच-221 एंटोमोलॉजी परीक्षा का प्रश्नपत्र हासिल किया और उसकी रिकॉर्डिंग की।

जांच के मुताबिक, प्रोफेसर ने सीलबंद प्रश्नपत्र के लिफाफे में कथित तौर पर नुकीले उपकरण से छोटा छेद किया और मोबाइल कैमरे से प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग की। इसके बाद प्रश्नपत्र की जानकारी आगे प्रसारित होने की बात सामने आई है।
100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की टीम ने की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा पुलिस सहित 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीमें जांच में लगाई गई थीं। पुलिस ने वायरल प्रश्नपत्र, स्क्रीनशॉट, मोबाइल नंबर, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल संपर्कों की तकनीकी जांच की। इसके बाद रायपुर, दुर्ग, कबीरधाम और बिलासपुर समेत कई जगहों पर टीमों ने कार्रवाई की।

6 गिरफ्तार, 2 आरोपी अब भी फरार
पुलिस ने मामले में कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नकद राशि, मोबाइल फोन और अन्य सामान जब्त किए हैं। वहीं, पुलिस के मुताबिक दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
परीक्षा हो चुकी है रद्द
पेपर लीक सामने आने के बाद IGKV प्रशासन ने बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी परीक्षा रद्द कर दी थी। यह परीक्षा विश्वविद्यालय से संबद्ध कृषि महाविद्यालयों में आयोजित होनी थी। रिपोर्टों के मुताबिक, परीक्षा को सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा आयोजित किया जाना है।
मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जांच का फोकस यह पता लगाने पर है कि प्रश्नपत्र कितने लोगों तक पहुंचा और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
